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प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.7 फीसद बढ़कर 6.89 लाख करोड़ पहुंचा

चालू वित्त वर्ष में 15 जनवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18.7 प्रतिशत बढ़कर 6.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर के रूप में 9.8 लाख करोड़ रुपये के बजट संग्रह का अनुमान है। इस साल 15 जनवरी तक बजट अनुमान का 70.3 प्रतिशत प्रत्यक्ष कर संग्रह हो चुका है। अप्रैल से 15 जनवरी तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.11 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में संग्रहित राशि की तुलना में 13.5 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में 1.22 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया है।

Tax

बयान में कहा गया है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में चालू वित्त वर्ष में लगातार सुधार जारी है। पहली तिमाही में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 10 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 10.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 12.6 प्रतिशत और चालू तिमाही में 15 जनवरी तक 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। इसी तरह से इन तिमाहियों में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में क्रमश: 14.8 प्रतिशत, 15.8 प्रतिशत, 18.2 प्रतिशत और 18.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। @ https://goo.gl/GPyf31

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SBI Decreases Minimum Balance Limit

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने 25 करोड़ रिपीट 25 करोड़ ग्राहकों को नववर्ष का उपहार देते हुये न्यूनतम बैलेंस की सीमा शहरी इलाकों में तीन हजार रुपये से घटाकर एक हजार रुपये और अर्द्धशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में घटाकर 500 रुपये कर दी है।
बैंक ने आज बताया कि न्यूनतम बैलेंस की नयी सीमा जनवरी 2018 से प्रभावी हो गयी है। अब औसत न्यूनतम बैलेंस की गणना भी मासिक की जगह तिमाही आधार पर की जायेगी। पहले न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर शहरी इलाकों में जहाँ 30 से 50 रुपये और अर्द्धशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में 20 से 40 रुपये मासिक शुल्क लगता था वहीं अब ये शुल्क तिमाही लगेंगे। इस प्रकार शुल्क भी एक तिहाई कर दिया गया है। शुल्क पर वस्तु एवं सेवा कर अलग से देय होगा।

SBI

अब तक बैंक के ग्राहकों को मेट्रो शहरों तथा अन्य शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस तीन हजार रुपये रखने होते थे। अर्द्धशहरी इलाकों में यह सीमा दो हजार रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार रुपये थे। बैंक ने पिछले साल 01 अप्रैल से न्यूनतम बैलेंस का प्रावधान दुबारा लागू किया था। न्यूनतम बैलेंस की ऊँची सीमा के कारण उसे काफी आलोचना झेलनी पड़ रही थी। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें @ https://goo.gl/vDkAJf


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जियो का बंपर आॅफर, 3300 का कैशबैक

रिलायंस जियो 399 रुपये या इससे अधिक का रिचार्ज करने पर 3,300 रुपये तक का ‘अप्रत्याशित कैशबैक’ मुहैया कराएगी। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी है। यह कैशबैक 400 रुपये के माइजियो कैशबैक वाउचर के रूप में, वॉलेट से 300 रुपये के इंस्टैंट कैश वाउचर के रूप में तथा ई-कॉमर्स कंपनियों के 2,600 रुपये के डिस्काउंट वाउचर के रूप में मिलेगा।

jio

इसके अलावा शुक्रवार की रात को कंपनी ने हैप्पी न्यूू इयर 2018 ऑफर के तहत दो नए प्लान लांच किए थे, जिसमें ग्राहकों को अधिक डेटा का लाभ मिलता है। @ http://bit.ly/2Cac2zq


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बढ़ रहा है बिटकॉइन का क्रेज

आभासी मुद्रा बिटकॉइन में आए जोरदार उछाल ने न केवल निवेशकों को आकर्षित किया है, बल्कि बडी संख्या में भारतीयों को इस क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार की संभावनायें नजर आ रही हैं। इसी के मद्देनजर लोग बड़ी संख्या में बिटकॉइन के क्रेज को भुनाने लगे हैं और अपनी कंपनी के नाम के आगे पीछे बिटकॉइन जोड़ रहे हैं।

Bitcoins

उद्यमियों और निवेशकों में बिटकॉइन को लेकर यह क्रेज तमाम नियामकीय चेतावनियों के बावजूद जारी है। नियामकों ने बिटकॉइन और उसके अन्य विकल्पों में बिना नियमन के परिचालन को लेकर आगाह किया है। बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के तहत धन जुटाने में मनी लांड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण की आशंकाएं भी जुड़ी हुई हैं। नियामकीय एजेंसियों के बीच इस बात की भी चिंता है कि इनकी आड में कहीं अवैध रूप से धन जुटाने की गतिविधियां तो नहीं चल रहीं हैं। इस तरह की कुछ फर्जी कंपनियों को पकड़ा भी गया है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें @ http://bit.ly/2CcGUC8


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वेतन के रूप में बिटकॉइन देगी जापानी कंपनी

जापान की एक कंपनी जल्द ही अपने कर्मचारियों को उनके वेतन के एक हिस्से का भुगतान बिटकॉइन के रूप में करना शुरू करेगी। कंपनी का लक्ष्य वर्चूअल मुद्रा की बेहतर समझ पैदा करना है।

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जीएमओ इंटरनेट अगले साल फरवरी से अपने कर्मचारियों को प्रति माह 1,00,000 एन (890 डॉलर) का भुगतान बिटकॉइन के जरिए करेगी। यह कंपनी वित्त, ऑनलाइन विज्ञापन और इंटरनेट बुनियादी सुविधाओं सहित वेब-संबंधित व्यवसायों की एक श्रृंखला संचालित करती है।

कंपनी की प्रवक्ता हारूमी ईशी ने कहा, कर्मचारी अगर चाहें तो अपना वेतन बिटकॉइन के रूप में ले सकते हैं। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि इसका वास्तव में उपयोग कर हम अपनी वर्चूअल मुद्रा की समझ को बेहतर कर पाएंगे। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें @ https://goo.gl/SUufH1


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लार्सन एण्ड टुब्रो की निर्माण इकाई को मिले 4,023 करोड़ रुपए के आर्डर

लार्सन एण्ड टुब्रो (एल एण्ड टी) की निर्माण कार्य करने वाली इकाई को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से 4,023 करोड़ रुपए के आर्डर मिले हैं।

इंजीनियरिंग एवं निर्माण क्षेत्र की इस कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कहा है, ‘लार्सन एण्ड टुब्रो की निर्माण इकाई ने 4,023 करोड़ रुपए के आर्डर हासिल करने में सफलता हासिल की है।’ एल एण्ड टी ने कहा है कि उसकी नागारिक क्षेत्र में भारी ढांचागत कारोबार करने वाली इकाई को 1,906 करोड़ रुपए का आर्डर मिला है जबकि उसके भवन एवं कारखाने बनाने वाली इकाई को 830 करोड़ रुपए का आर्डर प्राप्त हुआ है।

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समूह के पानी एवं दूषित प्रवाह शोधन व्यावसाय में लगी इकाई को 788 करोड़ रुपए और बिजली पारेषण एवं वितरण व्यावसाय वाली इकाई को 342 करोड़ रुपए के आर्डर मिले हैं। कंपनी की स्मार्ट दुनिया के लिए दूरसंचार व्यासाय करने वाली इकाई ने 157 करोड़ रुपए के आर्डर प्राप्त करने में सफलता पाई है। @ https://goo.gl/JaE4yR


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जीएसटी-नोटबंदी का प्रभाव: धनतेरस पर फीका रहेगा सोना कारोबार

जीएसटी के कारण इस धनतेरस में आभूषण बाजार की चमक फीकी पड़ सकती है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, जीएसटी को लेकर दुविधा बने रहने के कारण इस धनतेरस आभूषण उद्योग की चमक पिछले साल के मुकाबले थोड़ी फीकी रह सकती है। हालांकि, कारोबारियों की ओर से ग्राहकों को लुभाने के लिए छूट और मुफ्त उपहार की पेशकश की जा रही है।

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इंडिया बुलियन और ज्वैलर्स एसोसिएशन के निदेशक सौरभ गाडगिल ने बताया, बाजार की धारणा में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी तक इसमें ज्यादा उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है। अगर इस साल कुल कारोबार पिछले साल के बराबर या 5 प्रतिशत ऊपर रहता है तो हमें बहुत खुशी होगी। सौरभ पीएनजी ज्वैलर्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक भी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि त्योहारी मौसम में कीमती धातुओं में तेज खरीददारी देखने को मिलती है, लेकिन वेतन में विलंब, उम्मीद से कम बोनस, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जौहरियों को हटाने के मामले में स्पष्टता की कमी जैसे प्रमुख मुद्दों के कारण इस धनतेरस और दिवाली पर बाजार की धारणा को धक्का लगा है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था में मंदी ने भी बाजार को प्रभावित किया है। क्लिक करें @ https://goo.gl/EBymNq